जशपुर नगर द प्राइम न्यूज नेटवर्क। स्वास्थ्य विभाग ने जिला चिकित्सालय की सिविल सर्जन डा श्रीमती एफ खाखा को स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए डा आरएन केरकेट्टा को सिविल सर्जन का नियुक्त किया है। वहीं,निलंबित डॉ श्रीमती खाखा को सीएमएचओ कार्यालय अम्बिकापुर, अटैच कर दिया गया है। विदित हो कि चिकित्सालय में बीते दो साल के दौरान सर्जिकल इंस्टूमेंट,कपड़े,स्टेशनरी और अस्पताल के रख रखाव में सिविल सर्जन ने लगभग 12 करोड़ रुपए खर्च किए। लेकिन सामग्री क्रय करने के लिये न तो भंडार क्रय नियमो का पालन किया गया और ना ही निर्माण कार्यो के लिए, इंजीनियर से वेल्युवेशन रिपोर्ट मांगी गई। यह मामला उस वक्त खुला जब, स्वास्थ्य विभाग के लेखापाल संदीप दास ने प्रस्तुत किए गए बिल पर आपत्ति लगा दी। इसके बाद,अस्पताल के कर्मचारियों के आपसी सिर फुटव्वल का मामला मीडिया से होते हुए जिला प्रशासन तक पहुचा। मामले के गम्भीरता को देखते हुए कलेक्टर महादेव कावरे ने जिला पंचायत के सीईओ के एस मंडावी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की। थी। जांच समिति ने रिपोर्ट मेंगड़बड़ी की तमाम शिकायतों को सही पाते हुए सिविल सर्जन डा एफ खाखा के साथ आरएमओ,तीन लेखापाल और भंडार प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुसन्सा की थी। कलेक्टर महादेव कावरे ने रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए शासन को भेजा था। कलेक्टर की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव ने सिविल सर्जन डा श्रीमति एफ खाखा को निलंबित किया है। इस कार्रवाई के बाद,जांच में दोषी पाए गए शेष कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।




