जशपुर नगर द प्राइम न्यूज नेटवर्क। गम्भीर बीमारी के नाम पर कोई भी आर्थिक सहायता के लिए तैयार हो जाता है। लेकिन अब यह मानवीय संवेदना भी शातिर ठगों का हथियार बन चुका है। सीटी कोतवाली थाना क्षेत्र के बसन्त विहार कालोनी निवासी अखिलेश कुमार वैष्णव ने अपनी शिकायत में बताया है कि शशिधर न वीआर से उसका परिचय था। तकरीबन 10 साल पहले वह यहां से अपना मकान बेच कर केरल के कालीकट शिफ्ट हो गया था। 8 मई को शशिधरन ने प्रार्थी के मोबाइल पर काल किया,और न्यायालयीन प्रकरण का हवाला देते हुए 10 हजार रुपए की सहायता मांगी। परिचित होने की वजह से अखिलेश ने आरोपित के खाते में 5 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। एक माह बाद शशिधर न ने फिर काल किया और बच्चे का सड़क दुर्घटना में घायल होने का हवाला देते हुए इलाज के लिए 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मांगी। इसके कुछ ही दिन बाद शशि ने फोन करके बेटे के सिर में खून जमने की जानकारी देते हुए इंजेक्शन खरीदने के लिए 60 हजार रुपए खाते में ट्रांसफर करा लिया गया। रुपए एठने के बाद इस शातिर ने काल रिसीव करना बंद कर दिया तो प्रार्थी को सन्देह हुआ। जब उसने इस घटना का जिक्र अपने मित्र भागलपुर रॉड निवासी अभय समीर एक्का और संगम चौक निवासी निकोलस लकड़ा से किया तो पता चला कि शशि धरन ने पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए समीर एक्का से 40 हजार और निकोलस से 20 हजार रुपए,खातेम ट्रांसफर कराए थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक,शशि धरन,अब मोबाइल का स्विच ऑफ कर चुका है और वाट्सएप्प में भेजे गए मैसेज को देख रहा है,लेकिन जवाब नहीं दे रहा है।। शिकायत की जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने ठेकेदार शशिधर न के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।




