दुर्ग, 11 अक्टूबर।
साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है — इसी संदेश के साथ शनिवार को पॉवरग्रिड दुर्ग (मेडेसरा) उपकेंद्र में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दुर्ग पुलिस द्वारा एक्सपर्ट सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल (आईपीएस) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
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एसएसपी ने बताए साइबर फ्रॉड से बचने के आसान तरीके
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में ठग नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जागरूक रहना ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। कोई भी व्यक्ति यदि ‘डिजिटल अरेस्ट’ या ऑनलाइन धमकी जैसी बातों का शिकार होता है तो समझ लें कि यह ठगी का नया तरीका है, क्योंकि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई वैधानिक प्रक्रिया मौजूद नहीं है।”
उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी, बैंक फ्रॉड या सोशल मीडिया हैकिंग की शिकायत इस नंबर पर तुरंत दर्ज कराई जा सकती है।
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एएसपी सुखनंदन राठौर ने दी व्यावहारिक जानकारी
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुखनंदन राठौर ने साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने हाल के दिनों में सामने आए डिजिटल अरेस्ट, डेटा चोरी, ऑनलाइन जालसाजी और फर्जी लिंक के माध्यम से होने वाले अपराधों के उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे सतर्कता से बड़ी ठगी से बचा जा सकता है।
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साइबर एक्सपर्ट डॉ. संकल्प राय ने दिए तकनीकी सुझाव
दुर्ग पुलिस साइबर सेल के एक्सपर्ट डॉ. संकल्प राय ने कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पासवर्ड की सुरक्षा, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, फिशिंग मेल की पहचान और सुरक्षित वेबसाइट के उपयोग जैसे छोटे-छोटे कदम डिजिटल सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि किसी भी साइबर फ्रॉड की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है।
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पॉवरग्रिड अधिकारियों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में पॉवरग्रिड मेडेसरा उपकेंद्र के अधिकारी श्री पिनाकी भट्टाचार्य (उप महाप्रबंधक), श्री अजय रावल, श्री सत्यवान साहू एवं श्री ओ.पी. चन्द्रम उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने दुर्ग पुलिस द्वारा आयोजित इस उपयोगी सत्र की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से कर्मचारियों में डिजिटल सुरक्षा को लेकर नई समझ विकसित होती है।
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साइबर जागरूकता माह के तहत विशेष पहल
यह कार्यक्रम साइबर जागरूकता माह के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से दुर्ग पुलिस जिले के विभिन्न संस्थानों और आम नागरिकों के बीच डिजिटल सुरक्षा के प्रति चेतना बढ़ाने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी ऐसे जन-जागरूकता अभियानों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा ताकि जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
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