दुर्ग, 30 दिसंबर 2025।
जिला पुलिस दुर्ग द्वारा अपराध नियंत्रण और न्यायालय में सशक्त पैरवी के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल (भापुसे) ने उल्लेखनीय पहल की है। पुलिस कण्ट्रोल रूम, सेक्टर-06 भिलाई में आयोजित कार्यक्रम में 02 अधिकारियों एवं 06 कर्मचारियों को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, सटीक साक्ष्य संकलन और न्यायालय में मजबूत पैरवी के लिए दिया गया, जिनमें आरोपियों को सजा दिलाने में दुर्ग पुलिस की निर्णायक भूमिका रही।
हत्या के प्रयास के मामले में 10-10 वर्ष की सजा
थाना नेवई के अपराध क्रमांक 162/2024, धारा 307, 120-बी, 34 भादवि के प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इस गंभीर प्रकरण में विवेचक उप निरीक्षक सुरेन्द्र तारम एवं प्रधान आरक्षक सूरज पाण्डेय, भागवत वर्मा तथा आरक्षक रवि बिसाई, ओमप्रकाश श्रीवास एवं विनय कुमार की भूमिका को सराहते हुए उन्हें पुरस्कृत किया गया।
नारकोटिक्स एक्ट में सख्त सजा, नशे के खिलाफ कार्रवाई को बल
इसी क्रम में थाना भिलाई नगर के अपराध क्रमांक 484/2025, धारा 20(ख) नारकोटिक्स एक्ट के प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों को सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया। इस मामले में विवेचक उप निरीक्षक मन्नूलाल यादव तथा प्रधान आरक्षक भागवत वर्मा, रोशन भुवाल और आरक्षक ओमप्रकाश श्रीवास, विनय कुमार एवं राजेश चन्द्रौल को नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने की पहल
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाना ही पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। ऐसे मामलों में ईमानदार विवेचना और पेशेवर कार्यशैली से न केवल पीड़ितों को न्याय मिलता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने भविष्य में भी इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर दुर्ग पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों में उत्साह का माहौल रहा और इसे विभागीय मनोबल बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







