दुर्ग। थाना पुलगांव क्षेत्रांतर्गत ग्राम गनियारी में हुई सनसनीखेज दोहरी हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह जघन्य अपराध 6 मार्च 2024 को उस समय हुआ था, जब गांव की एक वृद्धा और उसकी नाबालिग पोती की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई थी। महीनों तक चली वैज्ञानिक जांच, पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट के बाद आखिरकार पुलिस ने इस रहस्यमय मामले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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मामले का खुलासा
पुलिस के अनुसार, हत्या का मुख्य आरोपी चुमेन्द्र निषाद (23 वर्ष) है, जिसने अपनी अवैध संबंधों के खुलासे के डर से अपनी ही परिचित नाबालिग युवती और उसकी दादी की हत्या कर दी थी। आरोपी ने यह अपराध अपने साथी पंकज निषाद (30 वर्ष) और एक अन्य फरार आरोपी के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया।
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घटना की रात का पूरा घटनाक्रम
6 मार्च 2024 की रात आरोपी चुमेन्द्र अपने दोस्तों के साथ घुघसीडीह (उतई के पास) तक गया था, ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके कि वह गांव से बाहर है। देर रात करीब 1 बजे वह गांव लौटा और अपने भाई से दरवाजा खुलवाकर घर से निकल गया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप कॉल के जरिए पंकज और एक अन्य साथी को बुलाया, जो स्कॉर्पियो (सीजी 06 ई 6666) में पहुंचे थे।
इसके बाद चुमेन्द्र मृतिका के घर पहुंचा और नाबालिग को आवाज देकर बाहर बुलाया। शादी करने के बहाने भाग चलने का झांसा दिया, पर जब बालिका ने सगाई का हवाला देकर इनकार किया, तो आरोपी ने गुस्से में घर के भीतर रखे टंगीया से उस पर कई वार कर दिए। जब दादी बीच-बचाव के लिए उठीं, तो आरोपी ने उन पर भी चाकू से वार कर दिया। घायल वृद्धा जब बाहर भागी, तो उसे पकड़कर सड़क पर ही गले और सिर पर कई वार कर मौत के घाट उतार दिया गया और शव को घसीटकर अंदर ले जाया गया।
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वैज्ञानिक जांच से उजागर हुआ सच
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वायड और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर जांच की थी।
विवेचना के लिए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें राजपत्रित अधिकारी और एसीसीयू के सदस्य शामिल थे। टीम ने 62 संदिग्धों से पूछताछ की और उनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला।
मामले की जटिलता को देखते हुए संदिग्धों का अहमदाबाद और रायपुर में पॉलीग्राफ, ब्रेनमैपिंग और नार्को टेस्ट कराया गया। परीक्षण के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर चुमेन्द्र निषाद ने अवैध संबंध और हत्या की योजना की बात स्वीकार की। उसने बताया कि मृतिका उसकी सगाई (19 फरवरी 2024) के बाद उसके गुप्त संबंधों के बारे में जान गई थी और सबको उजागर करने की धमकी दे रही थी। इसी भय से उसने यह अपराध किया।
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पूर्व में भी थे अपराधी
आरोपी चुमेन्द्र निषाद पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके विरुद्ध थाना पुलगांव में कई प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें
अपराध क्रमांक 489/2019 धारा 294, 323, 506, 34 भादवि
अपराध क्रमांक 300/2023 धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट
अपराध क्रमांक 330/2025 धारा 74, 296, 115(2), 351(2) बीएनएस शामिल हैं।
वहीं, सह-आरोपी पंकज निषाद के खिलाफ भी थाना पुलगांव में आबकारी और मारपीट से संबंधित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
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महत्वपूर्ण बरामदगी
पुलिस ने आरोपी चुमेन्द्र की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू, जबकि पंकज निषाद से मोबाइल फोन और स्कार्पियो वाहन (CG 06 E 6666) बरामद किया है।
पुलिस अब तीसरे फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
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विशेष टीम की निर्णायक भूमिका
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देशन में गठित विशेष टीम, थाना पुलगांव और एसीसीयू के अधिकारियों-कर्मचारियों ने इस जटिल मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार, यह मामला न केवल तकनीकी विवेचना बल्कि वैज्ञानिक परीक्षणों के जरिए साक्ष्य जुटाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
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गिरफ्तार आरोपी
1. चुमेन्द्र उर्फ लल्ला निषाद, उम्र 23 वर्ष
2. पंकज उर्फ पवित्र निषाद, उम्र 30 वर्ष
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