छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में बच्चों की गुमशुदगी की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत पुलिस को बीते एक सप्ताह में सफलता मिली है। जिले के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों से लापता हुए बच्चों को पुलिस ने न केवल सुरक्षित बरामद किया, बल्कि उन्हें सकुशल उनके परिजनों के हवाले भी कर दिया।एसएसपी के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 150 गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलाया जा चुका है।
बगीचा थाना क्षेत्र से 20 वर्षीय युवती को कोरबा से लाया गया वापस
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक थाना बगीचा क्षेत्र के एक ग्रामीण ने अपनी 20 वर्षीय बेटी के लापता होने की सूचना स्वयं एसएसपी शशि मोहन को दी थी। युवती 12 मई को बिना बताए घर से निकल गई थी। परिजनों को संदेह था कि कोई युवक उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। मामला संज्ञान में आते ही एसएसपी ने थाना प्रभारी बगीचा को युवती को तलाशने के निर्देश दिए।
गुम इंसान दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना और परिजनों के सहयोग से युवती को कोरबा जिले के एक गांव से बरामद किया। उसे 14 मई को सकुशल लाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
डेढ़ साल का बच्चा बस स्टैंड से गायब, 12 घंटे में मिला
इसी प्रकार 17 मई को सिटी कोतवाली क्षेत्रांतर्गत जशपुर बस स्टैंड से एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा डेढ़ वर्षीय बालक को पेप्सी पिलाने के बहाने ले जाया गया था। पुलिस ने तत्परता से गुम इंसान रिपोर्ट दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया। और कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने 12 घंटे के भीतर बालक को खोजकर सकुशल परिजनों से मिलाया।
तुमला थाना क्षेत्र की नाबालिग को उड़ीसा से लाया गया
वही 16 मई को थाना तुमला क्षेत्र के एक ग्राम निवासी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी को जिला सुंदरगढ़ (उड़ीसा) का रहने वाला एक किशोर बहला-फुसलाकर ले गया है। जब परिजन उड़ीसा जाकर बेटी को वापस लाने पहुंचे तो वहां मारपीट और गाली-गलौज की धमकी दी गई।
पुलिस ने धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। टीम ने उड़ीसा जाकर किशोर को हिरासत में लिया और नाबालिग बच्ची को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा। आरोपी विधि संघर्षरत बालक को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस द्वारा ऑपरेशन मुस्कान के तहत गत एक सप्ताह के भीतर तीन बच्चों को ढूंढकर सकुशल उनके परिजनों को सौंपा गया है, और अब तक 150 गुमशुदा बच्चों सकुशल बरामद किया गया हैं उन्होंने कहा कि हमारा यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि हर गुम बच्चा अपने परिवार की गोद में वापस लौट सके।




