दुर्ग जामुल थाना पुलिस ने घासीदास नगर गोलीकांड मामले में बड़ा खुलासा करते हुए झारखंड से दो शातिर सुपारी शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद कर ली गई है। ताज़ा कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 09 हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य की तलाश जारी है।
14 नवंबर 2025 की शाम करीब 6:30 बजे घासीदास नगर जामुल में विकास प्रजापति पिता इंद्रजीत प्रजापति, उम्र 26 वर्ष निवासी कैंप 02 भिलाई पर गोली चलाकर हत्या का प्रयास किया गया था। घटना के बाद थाना जामुल में धारा 109(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया और पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए झारखंड से भाड़े के शूटर बुलाए गए थे, जिन्हें मुख्य आरोपी करण पिता विलोचन साव ने भिलाई पहुंचने के बाद अपने गोदाम में ठहराया था और योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिलवाया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी राजेश, मुख्य साजिशकर्ता करण साव का ममेरा भाई है और रेलवे व प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलसिले में भिलाई जाता-आता रहता था। करण साव ने अपने चचेरे भाई शिवम की हत्या का बदला लेने के लिए राजेश की मदद ली, जिसके बाद राजेश ने बबलू उर्फ बड़का और अन्य दो व्यक्तियों को हत्या की सुपारी दी। वारदात के लिए करण साव ने आरोपियों को 55 हजार रुपये की व्यवस्था की थी तथा पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराए थे। गोलीकांड के तुरंत बाद शूटरों ने इस्तेमाल की गई पिस्टल और गोलियां वापस जाकर करण साव को सौंप दीं।
वारदात के बाद आरोपी करण साव द्वारा उपलब्ध कराई गई हीरो पैशन बाइक CG 07 AP 1013 में बैठकर रायपुर की ओर फरार हुए। रास्ते में भिलाई-03 बाजार के किनारे बाइक छोड़कर आरोपियों ने ऑटो से रायपुर बस स्टैंड जाकर छुपने और निकल जाने की कोशिश की थी। परंतु लगातार जांच, तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस झारखंड पहुंची और दोनों शूटरों को वहां से गिरफ्तार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करण साव से घटना में प्रयुक्त 7.65 एमएम पिस्टल और कारतूस बरामद किए, जबकि बबलू उर्फ बड़का से कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त हीरो पैशन बाइक भी जप्त कर ली गई है। गिरफ्तार किए गए दोनों शूटर — राजेश (29 वर्ष निवासी झींगनगर हटिया, थाना बिहार सरिफ, झारखंड) एवं बबलू उर्फ बड़का (27 वर्ष निवासी न्यू कॉलोनी, जगन्नाथपुर, रांची, झारखंड) को 21 नवंबर 2025 को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी लगातार जांच कर रही है तथा जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की दिशा में काम कर रही है।






