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जशपुर में राष्ट्रीय गणित दिवस उत्सव 2025 का भव्य आगाज़ “गणित केवल सूत्र नहीं, ब्रह्मांड की भाषा है” — पूर्व कुलपति प्रो. पी.पी. सिंह का प्रेरक उद्बोधन

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जशपुरनगर।
शासकीय राम भजन राय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जशपुर में मंगलवार को ‘राष्ट्रीय गणित दिवस उत्सव 2025’ का भव्य शुभारंभ हुआ। “दैनिक जीवन में गणित” (Mathematics in Everyday Life) विषय पर आधारित यह छह दिवसीय शैक्षणिक उत्सव छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर (CCOST) के वित्तीय सहयोग से महाविद्यालय के गणित विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अंबिकापुर के पूर्व कुलपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. पी.पी. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रो. पी.पी. सिंह एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अमरेंद्र द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ की गई।

गणित हमारे हर निर्णय की आधारशिला : प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अमरेंद्र

उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अमरेंद्र ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से विद्यार्थियों में उत्साह का संचार किया। उन्होंने कहा कि “गणित केवल पुस्तकों और सूत्रों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह ब्रह्मांड की वह भाषा है, जो हमारे हर निर्णय, तर्क और वैज्ञानिक सोच का मूल आधार है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि आगामी छह दिन केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रहें, बल्कि यह समय वैज्ञानिक एवं तार्किक सोच विकसित करने का स्वर्णिम अवसर है, जिसका अधिकतम लाभ उठाया जाना चाहिए।

गणित से विज्ञान तक, शोध और नवाचार का सेतु : प्रो. पी.पी. सिंह

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि डॉ. पी.पी. सिंह ने अपने विशेष व्याख्यान में गणित और विज्ञान के गहरे अंतर्संबंधों को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने छात्रों को शोध, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि गणितीय सोच ने नोबेल पुरस्कार स्तर के अनुसंधानों तक में निर्णायक भूमिका निभाई है।

अपने व्याख्यान में उन्होंने ‘रेगुलेटरी टी-सेल्स’ और ‘FOXP3 जीन’ से जुड़ी उस क्रांतिकारी खोज का उल्लेख किया, जिसने स्व-प्रतिरक्षी रोगों (Autoimmune Diseases) की जटिल समस्याओं को समझने में नई दिशा दी। उनका यह सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणास्पद रहा।

छात्रों ने साझा किया अनुभव

एम.एससी. गणित तृतीय सेमेस्टर की छात्रा सुमित्रा यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सत्र उनके लिए अत्यंत आनंददायी और ज्ञानवर्धक रहा। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं और शोध के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

22 दिसंबर तक चलेंगे विविध शैक्षणिक और रचनात्मक कार्यक्रम

कार्यक्रम संयोजक डॉ. हरिकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय गणित दिवस उत्सव 2025 का आयोजन 16 दिसंबर से 22 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। इस दौरान

गणितीय दक्षता परीक्षा,

पोस्टर एवं रंगोली प्रतियोगिता,

भाषण प्रतियोगिता,

मॉडल मेकिंग जैसे कई रोचक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि CCOST, रायपुर के वित्तीय सहयोग के कारण ही यह व्यापक और भव्य आयोजन संभव हो सका है।

आयोजन में शिक्षकों की सराहनीय भूमिका

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में गणित विभाग के अतिथि व्याख्याता अजय राजवाड़े एवं किरण राजवाड़े की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, जिन्होंने व्यवस्थाओं से लेकर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तक विशेष योगदान दिया।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. डी. आर. राठिया (वनस्पति शास्त्र विभाग) एवं गौतम सूर्यवंशी द्वारा किया गया।

शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

राष्ट्रीय गणित दिवस सप्ताह के प्रथम दिन महाविद्यालय के प्रो. ज्योति तिर्की (प्राणीशास्त्र), डॉ. श्रीमती सरिता निकुंज (अर्थशास्त्र), श्री प्रवीण सतपथी (वाणिज्य विभाग), आइलिन एक्का (रसायनशास्त्र), अंजिता कुजूर (कंप्यूटर साइंस) सहित अतिथि व्याख्याता अलका सिंह, अंजू भगत, मंजू सिदार एवं बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय गणित दिवस उत्सव 2025 का यह शुभारंभ न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि, तार्किक सोच और शोध भावना को सशक्त करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।

The Prime News
Author: The Prime News

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