मुख्य सचिव विकासशील ने की नियद नेल्ला नार और बस्तर मुन्ने 2.0 की समीक्षा, अधिकारियों को समय-सीमा में योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
रायपुर, 16 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्ला नार 2.0 के तहत ग्रामीणों को 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र परिवारों तक शासन की जनकल्याणकारी सुविधाएं पहुंचाने के साथ ही गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में नियद नेल्ला नार 2.0 और बस्तर मुन्ने 2.0 के तहत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक निर्धारित समय-सीमा में पहुंचाया जाए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में काम करने पर जोर दिया।
10 जिलों के दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर फोकस
नियद नेल्ला नार 2.0 के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, कोंडागांव, गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के दूरस्थ वनांचलों एवं पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्ययोजना के तहत काम किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने इन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को व्यक्तिगत हितग्राहीमूलक योजनाओं से जोड़ने और पात्रता के अनुसार लाभ उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा की। इसका उद्देश्य उन परिवारों तक भी सरकारी सुविधाएं पहुंचाना है, जो दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अब तक विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करते रहे हैं।
आवास से लेकर पेंशन और रोजगार तक, 31 योजनाओं का लाभ
योजना के तहत मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री जन-धन योजना जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा, श्रम कार्ड, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पोषण आहार, टीकाकरण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।
स्कूली विद्यार्थियों के लिए मध्यान्ह भोजन, गणवेश और पाठ्य पुस्तकों की सुविधा के साथ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को भी इसमें शामिल किया गया है। वहीं जाति, जन्म, विवाह, निवास, मृत्यु और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, मतदाता कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और उज्ज्वला योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को विभिन्न शासकीय सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
14 सामुदायिक योजनाओं से गांवों में मजबूत होंगी बुनियादी सुविधाएं
व्यक्तिगत योजनाओं के साथ-साथ गांवों के समग्र विकास के लिए 14 सामुदायिक योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पक्की सड़कें, बिजली, पेयजल, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, मोबाइल टावर और बैंकिंग सुविधाओं सहित अन्य मूलभूत आवश्यकताओं को योजनाबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
इन सुविधाओं के विस्तार से दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों की शासन-प्रशासन तक पहुंच आसान बनाने और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में मिलना सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबंधित जिलों के कलेक्टर और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।





