कृष्ण कुमार राय ने कहा- पूर्व छात्रों की उपलब्धियां विद्यालय का गौरव, गुरुजनों का सम्मान और एंथम गीत का लोकार्पण

जशपुरनगर। शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (मॉडल स्कूल), जशपुरनगर में शनिवार को आयोजित पूर्व छात्र मिलन समारोह में वर्ष 1985 बैच से लेकर वर्तमान तक के पूर्व छात्र जुटे। पुरानी यादें ताजा हुईं, गुरुजनों का सम्मान किया गया और विद्यालय के रीयूनियन एंथम गीत ‘मॉडल स्कूल, तू अमर रहे’ का लोकार्पण हुआ। समारोह में पूर्व छात्रों की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों को विद्यालय की शैक्षणिक परंपरा और संस्कारों का परिणाम बताया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय ने कहा कि मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां विद्यालय के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों से कहा कि सफल पूर्व छात्र भी कभी उनकी तरह विद्यार्थी थे। उनसे प्रेरणा लेकर लक्ष्य निर्धारित करें और मेहनत, लगन तथा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें। असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीखना चाहिए।
1985 बैच के भूपाल ने साझा कीं यादें
समारोह में वर्ष 1985 बैच के पूर्व छात्र और लोक निर्माण विभाग, बिलासपुर में चीफ इंजीनियर सुरेश सिंह भूपाल ने विद्यार्थी जीवन के संस्मरण साझा किए। उन्होंने आराम निवास के बाहर संचालित छात्रावास में बिताए दिनों और स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के स्नेहपूर्ण व्यवहार को याद किया। पुराने दिनों का जिक्र करते हुए वे भावुक हो गए। उनके संस्मरणों ने उपस्थित पूर्व छात्रों और शिक्षकों को भी अतीत की यादों से जोड़ दिया।
एंथम गीत का लोकार्पण
समारोह का प्रमुख आकर्षण ‘मॉडल स्कूल, तू अमर रहे’ एंथम गीत का लोकार्पण रहा। मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार राय ने गीत का लोकार्पण किया। यह गीत विद्यालय के प्रति पूर्व छात्रों के जुड़ाव और गौरव को अभिव्यक्त करता है।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और सामूहिक सरस्वती वंदना से हुई। कक्षा सातवीं और दसवीं के विद्यार्थियों ने नृत्य प्रस्तुत किया। प्राचार्य खान वक्कारुज्जमां खां ने अतिथियों, पूर्व शिक्षकों और पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए आयोजन को विद्यालय की विभिन्न पीढ़ियों को जोड़ने वाला अवसर बताया।
प्रशासनिक, तकनीकी और शैक्षणिक क्षेत्रों में पूर्व छात्रों की पहचान
मॉडल स्कूल के पूर्व छात्र लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, विद्युत वितरण कंपनी, डाक सेवा, उच्च शिक्षा और पुलिस विभाग सहित विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें चीफ इंजीनियर, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, सहायक प्राध्यापक, डीएसपी, इंस्पेक्टर, शिक्षक और व्यवसायी शामिल हैं। पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश सिन्हा ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा और विकास सोनी भी उपस्थित रहे।
पूर्व शिक्षकों और कर्मचारियों का सम्मान
सेवानिवृत्त प्राचार्य अरविंद कुमार जायसवाल, पूर्व प्राचार्य विनोद कुमार गुप्ता और एम. जेड. यू. सिद्दीकी सहित पूर्व शिक्षकों डी. पी. सारथी, एल. डी. चौहान, के. सी. चौहान, ए. के. टोप्पो, सुंदरलाल निराला और जे. के. सिदार की उपस्थिति रही। अरविंद कुमार जायसवाल और एम. जेड. यू. सिद्दीकी ने अपने अनुभव साझा किए। सुंदरलाल निराला ने योग का प्रदर्शन कर ‘करो योग, रहो निरोग’ का संदेश दिया।
समारोह में पूर्व शिक्षकों, वर्तमान शिक्षकों और कर्मचारियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। पूर्व छात्रों के बीच दो खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें उन्होंने उत्साह से भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ व्याख्याता ग्लोरिया लकड़ा और पूर्व छात्र डॉ. कांति प्रधान ने आभार व्यक्त किया। मंच संचालन व्याख्याता निशा पांडेय और शिक्षिका प्रेमशीला किस्पोट्टा ने किया। समारोह में विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हुए।





