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मुख्यमंत्री ने तीन न्याय योजनाओं के हितग्राहियों को दिए 1949 करोड़ 26 लाख रूपए।

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Mohit Prakash

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुंगेली जिले के सरगांव में आयोजित प्रदेश स्तरीय ‘भरोसे का सम्मेलन‘ से किसानों, भूमिहीन मजदूरों और पशुपालकों के लिए संचालित न्याय योजनाओं के अंतर्गत कुल 1949 करोड़ 26 लाख रूपए की राशि का हितग्राहियों के खाते में अंतरण किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का शुभारंभ किया तथा बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए वेबपोर्टल का लोकार्पण और छत्तीसगढ़ सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 का एप्लीकेशन लांच किया।

 

महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना के तहत ग्रामीण युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न स्थानों में नवनिर्मित 278 मल्टीएक्टिविटी सेन्टरों का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए 731 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत के 73 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।

 

मुख्यमंत्री ने भरोसे का सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षो के विपरीत परिस्थियों में भी हमने छत्तीसगढ़वासियों का भरोसा कायम रखा। इसी भरोसे का यह सम्मेलन है। प्रदेश के किसानों, मजदूरों, नौजवानों के हित में लगातार कार्य हुए। हमने उनका भरोसा और विश्वास राज्य सरकार पर बनाए रखा। राज्य सरकार की योजनाओं सेे प्रदेश के किसान खुशहाल हैं और खेती किसानी में प्रगति हुई है। शासन लगातार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों के जेब में पैसे पहुंच रही है। प्रदेश के किसानों में सम्पन्नता आई है, जिससे प्रदेश के व्यापार-व्यवसाय भी फल-फूल रहे हैं, जिससे प्रदेश में मंदी का प्रभाव नहीं पड़ा।

 

मुख्यमंत्री ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति एकड़ किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान लगातार किसानों से चर्चा के दौरान यह बात आई थी कि उनकी धान बेचने की सीमा को बढ़ाया जाए, इसलिए किसानों का सम्मान करते हुए हमने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आज सरगांव से एक उल्लेखनीय कार्य के रूप में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर निर्मित 278 मल्टीएक्टिविटी सेंटर का लोकार्पण किया गया है। गांव में उद्योग खोलने के लिए जरूरी सुविधाएं प्रदान करना और रोजगार उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ के परंपरागत उद्योगों को प्रोत्साहित करने में रीपा की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत क्षेत्र के भूमिहीन मजदूरों को लाभान्वित करने के लिए शुरू की गई राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना को भी लाभकारी बताया और कहा कि वर्तमान में संचालित राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में शहरी क्षेत्र के मजदूरों का लाभ नहीं मिल पा रहा था इसलिए उनके लिए राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना शुरू की गई।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे गोधन न्याय योजना का विस्तार होता जाएगा, हम जैविक राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ते जाएंगे। उन्होंने बेरोजगारी भत्ता के लिए लॉन्च किए गए वेबपोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे बेरोजगार युवा जिनकी परिवारिक आय 2.50 लाख रूपए से कम हो वे इस वेबपोर्टल के माध्यम 1 अप्रैल से आवेदन कर सकेंगे। आवास योजना के लिए 1 अप्रैल से होने वाले सर्वे के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को क्रमबद्ध रूप से आवास मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की है। कोटवारों, मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोईयों एवं स्कूल में कार्यरत स्वच्छताकर्मियों के मानदेय को बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 9 हजार में से 5 हजार गौठान स्वावलंबी बन चुके हैं। शेष गौठानों को भी स्वावलंबी बनने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वावलंबी गौठान समिति के अध्यक्ष को 750 रूपए और सदस्यों को 500 रूपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमने पत्रकार सुरक्षा कानून विधानसभा में पारित कर पत्रकारों का भरोसा जीता है। स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार देते हुए प्रदेश में 04 नए मेडिकल कॉलेज की घोषणा वर्ष 2023-24 की बजट में की है।

 

 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि कृषि के क्षेत्र में प्रदेश में बेहतर कार्य हुए हैं, इसे आगे बढ़ाते हुए हमें छत्तीसगढ़ को जैविक राज्य बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। भूपेश है तो भरोसा है, ये केवल किसानों का नारा नहीं है बल्कि सामूहिक रूप से छत्तीसगढ़ के पूरी जनता का नारा है। कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों की मदद करने वाला मुख्यमंत्री है, इसलिये लगातार किसानों के हित में निर्णय लिए जा रहे हैं। 15 क्विंटल से बढ़कर 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने की घोषणा भी किसानों के लिए मददगार होगी। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि आज छत्तीसगढ़ के किसान सबसे खुशहाल किसान हैं।

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Author: Mohit Prakash

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