सामाजिक विज्ञान एवं रसायन शास्त्र विषय के तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण हुआ सम्पन्न, डॉ विजय रक्षित द्वारा लिखित जशपुर- एक ऐतिहासिक अध्ययन का हुआ विमोचन

Picture of The prime news

The prime news

SHARE:

 

जशपुरनगर- आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जशपुर में इतिहास और रसायन शास्त्र के 03 दिवसीय सेवाकालीन आवासीय एवम ऑनलाइन 4 दिवसीय कुल 50 घण्टे का प्रशिक्षण के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य एन ई एस महाविद्यालय डॉ विजय रक्षित शामिल हुए। आवासीय प्रशिक्षण में विशेष तौर पर नई शिक्षा नीति 2020 एन ई पी के लक्ष्य और विषय गत चर्चा सामाजिक विज्ञान के इतिहास,भूगोल,राजनीति, अर्थशास्त्र एवम रसायन शास्त्र के महत्वपूर्ण अध्यायों पर चर्चा हुई।उक्त प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में सामूहिक रूप से सम्बोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य डॉ एम जेड यू सिद्दीकी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्य और प्रत्येक वर्ष अपने पेशवेर दक्षता के निखार और नवप्रयोगों को शामिल करते हुए यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है ताकि जिले में शिक्षा व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता के साथ ही शिक्षकों में भी मे अनुसंधान और शोधों के प्रति रुचि जागृत हो और वह अपने विद्यालय को एक आदर्श विधालय एवं शिक्षक को आदर्श शिक्षक के रूप में स्थापित कर सकें ।जहां बच्चों का चौतरफा और चौमुखी विकास हो। समापन कार्यक्रम के दिवस पर प्रभारी प्राचार्य श्रीमती यू के तिर्की ने कहा की नई शिक्षा नीति 2020 हमें छात्रों में रचनात्मकता,तार्किकता, संवेदनशीलता, सार्वजनिक जीवन के महत्व, पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के लिए एक आदर्श वातावरण निर्माण, एक आदर्श विद्यार्थी के निर्माण को बल देता है, जो भावी राष्ट्र के लिए एक मिशाल बने। इसी क्रम में प्रकोष्ठ प्रभारी वरिष्ठ व्याख्याता श्री आर बी चौहान ने कला समूह सभी व्याख्याताओं को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण के महत्व को बताया और कहा कि हमें छोटे-छोटे उदाहरण से बच्चों के मन में पढ़ाई के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करनी चाहिए और शिक्षक न सिर्फ शिक्षा और शिक्षक से जुड़े होते हैं बल्कि वह एक अध्यापक होने के साथ-साथ एक मार्गदर्शक एक प्रशिक्षक एक उपदेश एक मूल्यांकन कर्ता अध्यापन करता और नायक होते हैं जिन्हें अपने बच्चों के जीवन में आमूल परिवर्तन करने की जिम्मेदारी शासन के द्वारा दी जाती है और वह अपने कर्तव्यों का अच्छे ढंग से पालन करें ।समापन समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ विजय रक्षित ने कहा कि इतिहास विषय और रसायन विषय एक दूसरे से जुड़े हुए हैं क्योंकि हम इतिहास में यह पढ़ते हैं कि किस प्रकार नागार्जुन ने रस चिकित्सा का आविष्कार किया था और रासायनिक युद्धों में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल में देश की व्यवस्थाओं को प्रभावित किया है ।आज यह सुखद संजोग है जब मैं विषय विशेषज्ञ के रूप में यहां मौजूद हैं उनके समक्ष अपनी लिखी पुस्तक जशपुर एक ऐतिहासिक अध्ययन का विमोचन करने जा रहा हूं क्योंकि इस पुस्तक का सही अर्थों में हमारे अध्यापक ,हमारे व्याख्याता जो बच्चों तक इस बात को पहुंचाएंगे कि हम जिस जिले में रहते हैं वहां की भौगोलिक स्थिति वहां की राजनीतिक स्थिति वहां की सामाजिक स्थिति वहां की परिवेश वहां की जनजातियां एक विशेष काल में किस प्रकार पुष्पित पल्लवित हुई और यह जशपुर राजवंशों का भी इतिहास है। जिसे जशपुर के प्रत्येक नागरिक को उसके जिले की जानकारी होने के कारण जानना आवश्यक है। उक्त पुस्तक का विमोचन करते हुए साथ ही एक पुस्तक जो आगत से अतीत तक जो जशपुर के पर्यटन स्थलों के बारे में भी आमूलचूल जानकारी देता है एक संक्षिप्त पुस्तक के माध्यम से पुस्तकों का वितरण सभी उपस्थित व्याख्याता समूह को किया। साथ ही मंच पर उपस्थित उपस्थित सभी मास्टर ट्रेनर के साथ अपनी पुस्तकों को साझा किया उन्होंने कहा प्रत्येक शिक्षक का यह धर्म और कर्तव्य है कि वह अपने विषय के प्रति ईमानदार रहे अपने विषय को जिए और जो शिक्षक अपने विषय का ज्ञाता होता है उसे हमेशा सम्मान प्राप्त होता है ।इतिहास विषय के मेरे छात्रों से जिन्होंने जशपुर महाविद्यालय में जिनको मैं अध्ययन कराया हुँ उन्हें मैं यही संदेश देता हूं कि इतिहास विषय को हमें ऊंचाइयों तक ले जाना है जो हर एक पल में लोगों को सबक देते हैं कि आखिर एक राष्ट्र का निर्माण कैसे होता है ,कैसे हमारे देश को आजादी मिली थी, कैसे मानव जाति का विकास हुआ था और हम इतिहास से सबक लेकर आने वाले भविष्य को और बेहतर बना सकते हैं क्षेत्रीय इतिहास के प्रति भी व्याख्याता को रुचि जागृत करने और इस क्षेत्र में पुस्तक और अध्ययन रिसर्च करते हुए अपने रिसर्च को प्रकाशित करने हेतु प्रेरित किया। और अपने विषय के प्रति समर्पण भाव से मेहनत करने की बात कही। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहां की इतिहास में पैदा हुआ और इतिहास में ही मरना है और यदि पुनर्जन्म हुई तो मुझे एक शिक्षक के रूप में हो यही कामना करता हूँ, कहते हुए अपनी लिखित पुस्तक “जशपुर का इतिहास” का विमोचन अपने ही विद्यार्थियों के सम्मुख कराकर एक नए कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इस कार्यक्रम में डाइट के प्रभारी प्राचार्य तिर्की मैडम,प्रशिक्षण प्रकोष्ठ प्रभारी आर बी चौहान एवं मास्टर ट्रेनर के रूप में इतिहास विषय की व्याख्याता डॉ0 मिथिलेश कुमार पाठक ,भूगोल की व्याख्याता सावेद आलम,राजनीतिशास्त्र के व्याख्याता विंध्याचल शर्मा, व्याख्याता प्रभात मिश्रा ,व्याख्याता किरण सिंह व्याख्याता मीरा गुप्ता ,उपस्थित थे जिन्होंने पूरे जिले के संबंधित विषय के व्याख्याता को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण दिया।कार्यक्रम के दौरान डाइट के सभी कर्मचारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा ।

The prime news
Author: The prime news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
और पढ़ें
error: Content is protected !!