छत्तीसगढ़ कि जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान अभियान कि सफलता सामने आई है। करीब 15-16 वर्ष की एक गूंगी बच्ची जो अनजाने में बस में सवार होकर बगीचा से सन्ना पहुंच गई थी, उसे पुलिस ने सतर्कता ने उसके परिजनों से सकुशल मिलवा दिया है। इस पूरे मामले में बस परिचालक हाफिज खान ने भी सराहनीय भूमिका निभाई, जिसकी प्रशंसा स्वयं पुलिस अधीक्षक ने की है।
22 जुलाई 2025 को शमीम बस सेवा के परिचालक हाफिज खान (उम्र 48 वर्ष, निवासी सन्ना) ने एक किशोरी को अकेले बैठे देखा। पूछताछ करने पर यह स्पष्ट हुआ कि बच्ची बोलने में असमर्थ है और कोई जानकारी नहीं दे पा रही है। उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण दिखाते हुए तत्काल बच्ची को सन्ना थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
थाना सन्ना की पुलिस ने बच्ची से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन न बोल पाने के कारण वह कुछ नहीं बता सकी। ऐसे में पुलिस ने बच्ची की तस्वीर को सोशल मीडिया और आसपास के थानों में प्रसारित कर गुमशुदा मामलों से मिलान करना शुरू किया। पुलिस की मेहनत रंग लाई और पता चला कि बच्ची जशपुर क्षेत्र के एक ग्राम की निवासी है।
जानकारी मिलते ही थाना सिटी कोतवाली जशपुर के प्रभारी निरीक्षक आशीष तिवारी, थाना सन्ना के प्रभारी उप निरीक्षक बृजेश यादव, यातायात विभाग के सहायक उप निरीक्षक मनोज सिंह और थाना सन्ना की पूरी टीम ने मिलकर बच्ची के परिजनों को तलाशा और उसे सकुशल सुपुर्द किया।
एसएसपी ने की सराहना, बस कंडक्टर को मिलेगा इनाम
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस त्वरित और मानवीय कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा, पुलिस व समाज के बीच मजबूत संवाद और जागरूकता ही ऐसे मामलों में सफलता की कुंजी बनते हैं। बच्ची को उसके परिजनों से मिलाना पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। बस परिचालक हाफिज खान ने जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया है, वह अनुकरणीय है और उन्हें सम्मानित किया जाएगा।”







