दुर्ग, वैशाली नगर थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज प्राणघातक हमले के मामले में दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में पहले ही एक आरोपी को जेल भेजा जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी दीपक नेपाली अब भी फरार है। पुलिस उसकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्यवाही में जुटी हुई है।
घटना का पूरा विवरण:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 मई 2025 की रात लगभग 10:30 बजे वैशाली नगर कैम्प-18 नंबर रोड स्थित पाण्डेय मोहल्ला में रहने वाली स्नेहा चौबे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति प्रदीप चौबे को आरोपी शुभम यादव, दीपक नेपाली और रोशन सिंह उर्फ राजा ने पैसे के लेन-देन को लेकर घर के सामने बुलाकर गालियाँ दी और फिर मिलकर हमला किया।
शिकायत के मुताबिक, शुभम यादव ने प्रदीप चौबे का गला दबाकर और सिर को दीवार में पटककर जान से मारने की कोशिश की। जब पत्नी स्नेहा बीच-बचाव के लिए आई तो आरोपियों ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी। हमले के पीछे मुख्य भूमिका शुभम यादव के चाचा रामप्यारे यादव की बताई गई, जिसने इन तीनों को भेजा था।
अब तक की कार्रवाई:
मामले में थाना वैशाली नगर में अपराध क्रमांक 142/2025 धारा 296, 115(2), 351(3), 109, 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
22 मई को पुलिस ने आरोपी शुभम यादव (पिता श्री लालजी यादव, उम्र 30 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
शेष आरोपी रोशन सिंह उर्फ राजा (पिता संतोष सिंह, उम्र 29 वर्ष) निवासी प्रेमनगर कैम्प-1 और रामप्यारे यादव (पिता सुखविलास यादव, उम्र 39 वर्ष) निवासी कैम्प-1 संग्राम चौक मकान नं-392, ने 23 जून को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
मुख्य आरोपी दीपक नेपाली घटना के दिन से फरार है, जिसकी संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया पुलिस द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।
पुलिस की सक्रियता:
थाना वैशाली नगर की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तेजी से आरोपियों की पतासाजी कर कार्रवाई को अंजाम दिया। तीन में से दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से केस में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जबकि फरार आरोपी की तलाश और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया भी सक्रिय रूप से जारी है।






