जशपुरनगर। संगम चौक में आयोजित संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति का प्रथम वर्ष निःशुल्क गरबा महोत्सव नवरात्र की सप्तमी पर भक्ति, संगीत और लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। माता रानी की आराधना, पारंपरिक धुवन आरती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और गरबा-डांडिया की धूम ने आयोजन को यादगार बना दिया। महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। वहीं, जशपुर की बेटी वंशिका रजक की मधुर गायकी ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

धुवन आरती से सजी शाम, परंपरा को सहेजने की पहल
कार्यक्रम की शुरुआत माता रानी की आरती के साथ हुई। इसके बाद वर्षों से चली आ रही पारंपरिक धुवन आरती की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समिति ने इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नई पीढ़ी को धार्मिक आस्था और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया।
धुवन आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। ग्रुप डांस, सिंगल डांस और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों और युवाओं की प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति और आदिवासी परंपराओं की झलक देखने को मिली।
गरबा-डांडिया की थाप पर झूमे प्रतिभागी
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद गरबा और डांडिया की धूम देखने को मिली। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने संगीत की धुन पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। पूरे संगम चौक में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। खास बात यह रही कि समिति की ओर से महोत्सव का आयोजन पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है, ताकि नगर के अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल होकर अपनी प्रतिभा दिखा सकें।
वंशिका रजक की सुरीली आवाज ने जीता दिल
सप्तमी के आयोजन में जशपुर की बेटी वंशिका रजक की गायकी विशेष आकर्षण रही। उनकी मधुर आवाज और सुरीली प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत की धुनों के बीच गरबा-डांडिया करते प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बना। वंशिका की प्रस्तुति ने महोत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया।
10 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का सम्मान, नवमी पर डायमंड रिंग
कार्यक्रम के समापन पर गरबा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को समिति की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ा।
वहीं, नवमी के विशेष आयोजन को लेकर समिति ने बड़ा आकर्षण घोषित किया है। समिति अध्यक्ष राकेश सोनी ने बताया कि नवमी पर सर्वश्रेष्ठ गरबा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी और सबसे आकर्षक पारंपरिक वेशभूषा में नजर आने वाले प्रतिभागी को डायमंड रिंग देकर सम्मानित किया जाएगा। इस घोषणा के बाद आगामी आयोजन को लेकर प्रतिभागियों में खास उत्साह है।
‘भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता को जोड़ना उद्देश्य’
समिति अध्यक्ष राकेश सोनी ने कहा कि संगम सेवा गरबा महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि माता रानी की भक्ति, पारंपरिक धार्मिक आयोजनों और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। महोत्सव महिलाओं, बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रहा है। साथ ही, यह सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि समिति चाहती है कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण कोई भी व्यक्ति इस सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होने से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से प्रथम वर्ष महोत्सव को निःशुल्क रखा गया है। उन्होंने आयोजन को मिल रहे सहयोग के लिए नगरवासियों का आभार जताते हुए भविष्य में इसे और भव्य स्वरूप देने की बात कही।
सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का मंच बना संगम चौक
संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति का गरबा महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का मंच बन रहा है। सप्तमी की प्रस्तुतियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। अब नगरवासियों और प्रतिभागियों की नजरें नवमी के विशेष आयोजन पर हैं, जहां गरबा और पारंपरिक वेशभूषा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को डायमंड रिंग प्रदान की जाएगी।





