भिलाई में नवीन आपराधिक कानूनों पर विशेष प्रदर्शनी — न्यायाधीशों और पुलिस अधिकारियों ने दिया मार्गदर्शन, 300 से अधिक छात्र-छात्राएँ हुए शामिल
भिलाई। नवीन भारतीय आपराधिक कानूनों की जानकारी आम नागरिकों और युवाओं तक पहुँचाने के उद्देश्य से शुक्रवार 29 नवंबर 2025 को पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-06 भिलाई में एकदिवसीय प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ आमजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने विद्यार्थियों को भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों से निपटने हेतु शामिल नई धाराओं और सख्त प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदर्शनी के उद्देश्य की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कानून व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील और सशक्त बनाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नवीन आपराधिक कानून अब दंडात्मक के स्थान पर न्यायपरक और सुधारात्मक है, जिसमें नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने छात्रों को त्रिनयन ऐप, समाधान ऐप और इमरजेंसी नंबरों के उपयोग की जानकारी देते हुए जागरूक रहने की अपील की।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी भूपेश बसंत ने नवीन प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए साइबर अपराध से बचाव के आवश्यक उपायों की विस्तृत जानकारी दी और कहा कि सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
कार्यशाला के दौरान कंट्रोल रूम परिसर में लगाई गई नवीन आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का भ्रमण छात्रों को कराया गया, जहां मॉडल, चार्ट और ऑडियो-विजुअल माध्यमों के जरिए जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही छात्रों को कंट्रोल रूम संचालन प्रणाली भी समझाई गई, ताकि वे पुलिस कार्यप्रणाली के वास्तविक स्वरूप से परिचित हो सकें।
कार्यक्रम में उमेश कुमार (सचिव, विधिक सेवा समिति), सुखनंदन राठौर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक – शहर), अभिषेक झा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक – ग्रामीण), पदमश्री तंवर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक – IUCAW), वैजयंती माला तिग्गा (उप पुलिस अधीक्षक) और सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस और न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
करीब 300 छात्र-छात्राओं की भागीदारी के साथ कार्यशाला और प्रदर्शनी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जिसका उद्देश्य युवाओं व आम नागरिकों को नए कानूनों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित एवं कानून-सम्मत समाज निर्माण की दिशा में प्रेरित करना था।






